तेरी साँसें ~ मेरी साँसें: तेरे अनुभव ~ मेरे संग

मेरी कलम से तेरे अनुभव  सोचता हूँ की तेरी हर चीज़ को कितनी आसानी से मैं ‘मेरा’ बना लेता हूँ !  तेरी दी हुई हर साँस को भी मैने अपना कह डाला ।  तेरे दिये हर अनुभव को भी अपना कह छाप डाला ।  फिर भी काफी कुछ मेरा होकर रह ही जाता हैं ।  […]

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मेरे अनुभव मेरे संग: my Experiences with myself

‘my Experiences with myself’ –  is compilation of flow of insights, and thoughts, in the form of ‘poetry’  *  ‘मेरे अनुभव मेरे संग’ –  ‘कविता’ के रूप में विचारों एवम्‌ अंतर्दृष्टि के बहाव का संकलन है ।  Selected Poems (Bilingual Edition – Hindi, English) When these thoughts and insights started to pour and fall upon […]

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‘भय’ ‘Fear’

भय के ख़याल Imagination of Fear ॰॰॰ Fear of unknown is actually Fear of ‘known’ about unknown? … that ‘known’ is our imagination हमारे ख़याल ॰॰॰ शेर ने मुझे कभी खाया नहीं इसलिए मुझे उससे भय है भय शेर के काटने से नहीं शेर के काटने के ख़याल से ॰॰॰ गाड़ी ने मुझे कभी कुचला […]

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from no where to now here

ना कल है ना कल है आज का यही पल है जीं लो ज़रा ~ ~ nor there is yesterday neither is tomorrow only is today’s  this moment let’s live ~ ~ ®️©️ रो:हित ~ No where to go… only now here!! Picture Credits: Ravi Roshan (Unsplash)  

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पहला First

पहला ~~~ ~~~ First ~~~ ~~~ कैसे भूल सकता हूँ मैं वो पहला एहसास, वो पहली साँस वो पहला प्यार जो हुआ था पहली बार ~~~   how can i forget that first impression, your first breath our first love which happened for the first time ~~~ ऐसा नहीं की उससे पहले एहसास नहीं उतरे […]

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संयम

  संयम ~•~•~ ~•~•~ न विराम न तूफ़ान पहचान ले संयम है मेरा नाम ~•~•~ ~•~•~ ना इधर ना उधर बीच में आना है तेरा काम ~•~•~ ना ज़्यादा ना कम ठीक से लेते जाना ऐसा तू जान ~•~•~ ना अच्छा ना बुरा जो भी है तू देखे जा आँखे खोल ~•~•~ ना तेज़ ना धीरे […]

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बैठक

चार घड़े, रस से भरे चोर तके, ले ना सके  Nugget from the evening session “Creativity in Kathak” with Kathak Maestro Guru Shri Munna Shukla Ji   ®️©️~ Reflections on my self     

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